रॉबर्ट्सगंज में निकली भव्य कांवड़ यात्रा, हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजी धर्मनगरी*
निरंजनी अखाड़ा की महामंडलेश्वर साध्वी सरितानंद गिरि जी के सानिध्य में संपन्न हुआ भव्य धार्मिक अनुष्ठान*
शीतला मंदिर से महाकाल शिवालय तक उमड़ा शिवभक्तों का हुजूम महिलाओं ने भी उठाई कांवड़*
*कथा व भजन संध्या के बाद वितरित हुआ रुद्राक्ष प्रसाद बरौली चौराहे पर जरूरतमंदों को बांटा गया भोजन*
सोनभद्र (राकेश कुमार कन्नौजिया)_जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज में सावन के पावन अवसर पर आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर निरंजनी अखाड़ा साध्वी सरितानंद गिरि जी के पावन तत्वावधान एवं दिव्य सानिध्य में भव्य कांवड़ यात्रा एवं धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन अत्यंत धूमधाम व श्रद्धा भाव के साथ संपन्न हुआ। भव्य कांवड़ यात्रा का शुभारंभ नगर के ऐतिहासिक शीतला मंदिर से हुआ। यात्रा में स्थानीय श्रद्धालुओं, युवाओं एवं महिलाओं ने बड़ी संख्या में बढ़-चढ़कर भाग लिया। कांवड़ उठाए श्रद्धालुओं का जबरदस्त उत्साह देखते ही बन रहा था। शीतला मंदिर से प्रारंभ होकर कांवड़ यात्रा विजयगढ़ टॉकीज और रामलीला मैदान रोड होते हुए नगर के मुख्य मार्गों से गुजरी। कांवड़ियों का जत्था महाकाल शिवालय पहुँचा, जहाँ श्रद्धालुओं ने पूर्ण विधि-विधान के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
जलाभिषेक के दौरान पूरा नगर हर-हर महादेव, जय भोलेनाथ और बम-बम भोले के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। कांवड़ यात्रा के समापन के उपरांत रामलीला मैदान (राम मंदिर मैदान) परिसर में भव्य शिव कथा एवं धार्मिक भजन संध्या का आयोजन किया गया। पूज्य महामंडलेश्वर साध्वी सरितानंद गिरि जी ने अपने ओजस्वी प्रवचन से उपस्थित जनसमूह को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। कथा एवं आरती के उपरांत साध्वी जी द्वारा उपस्थित समस्त श्रद्धालुओं को आशीर्वाद स्वरूप एक केला, पुष्प एवं पवित्र रुद्राक्ष प्रसाद के रूप में वितरित किया गया। धार्मिक अनुष्ठान के साथ-साथ साध्वी सरितानंद गिरि जी ने समाज सेवा की अनूठी मिसाल पेश की। कार्यक्रम के उपरांत वे बरौली चौराहे पहुँचीं, जहाँ उन्होंने ठेला चालकों, असहायों, निर्धनों एवं भिक्षाटन करने वाले लोगों के बीच पैक किया हुआ शुद्ध भोजन वितरित किया।
इस दौरान साध्वी जी ने संदेश देते हुए कहा
समाज के प्रत्येक जन प्रतिनिधि और सक्षम नागरिक को यह सोच रखनी चाहिए कि हमारे आसपास कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए। जो असहाय या भीख मांगने को मजबूर हैं, उन्हें कम से कम एक वक्त का सम्मानजनक भोजन अवश्य नसीब होना चाहिए। नर सेवा ही नारायण की सच्ची सेवा है। भोजन व रुद्राक्ष प्रसाद वितरण के साथ ही इस भव्य कांवड़ यात्रा एवं धार्मिक अनुष्ठान का विधिवत समापन हुआ। पूरे कार्यक्रम के दौरान रॉबर्ट्सगंज नगर पूर्णत भक्तिमय और आध्यात्मिक माहौल में सराबोर रहा।








